How to become wealty by improve relationship read in hindi

हम सभी लोग धनी बनना चाहते है लेकिन यह नही जानते कि धनी बनने के लिये हमे क्या करना होगा |
 "सफलता की शूरूवात वही से होती है जहा हम खड़े होते है"

-: भोला प्रजापति प्रेरक वक्ता :-
जी हाँ, अक्सर हम सफलता की सीढ़ी के दूसरे डण्डे पर चढ़ने के बाद पहले डण्डे को भूल जाते है और तीसरे डण्डे पर पहुँचने के बाद पहले व दूसरे डण्डे को भूल जाते है , और यह क्रम चलता रहता है | जी हाँ, हम यह नही भाप पाते कि जिस पहले डण्डे को हम भूल गये उसने हमे तौल लिया था और हमारी वजन के बारे मे दूसरे डण्डो से बताता फिर रहा है कियह आदमी जिसको मैने सहारा दिया ,उसके वजन को उठाया , दूसरे डण्डे पर चढ़ने मे मदद किया वह हमे भूल गया |
 " हर आदमी जिसके पास से हम गुजरते है या जो मेरे पास से गुजरता है , वह हमारा प्रचारक है "
 -: भोला प्रजापति प्रेरक वक्ता :- 
हम जिस दिन से इस दुनिया मे कदम रखते है उसी दिन से हमारा प्रचार शूरु हो जाता है | हमारी अच्छाइओ और बूराईयो का गुणगान शूरू हो जाता है , कौन करता है जिसके पास से हम गुजरते है या जो मेरे पास से गुजरता है | हमे मानव के इस स्वभाव का फायदा उठाने के काबिल बनना पड़ेगा क्योकि हर ब्यक्ति प्रचारक है , और वह वही प्रचार करता है , जो वह देखता है, जो वह सुनता है, जैसा व्यवहार पाता है | अगर हम अपने उत्पादन या सेवा की प्रशंसा सुनना चाहते है , अच्छा प्रचार पाना चाहते है तो सबसे पहले हमे ऐसा बनना पड़ेगा , ऐसा दिखना पड़ेगा, जो लोगो को मेरी तरफ आकर्षित करे,जो लोगो को मेरे पास तक आने के लिये प्रेरित करें | जब लोग नेरे पास तक आ जाये तो हमे उसके साथ सबंध बनाने का अवसर मिलता है | यही धनी बनने की सीढ़ी का पहला डण्डा है , जिसको हमे नही भूलना चाहिये |
 "जब कोई बच्चा छोटा होता है तो लोग उससे विना शर्त प्रेम करते है, वही बच्चा जैसे जैसे बड़ा होता तो उसे शर्तो के आधार पर प्रेम मिलता है"
 -: भोला प्रजापति प्रेरक वक्ता :-
 हमे यह जानना होगा कि प्रेम पाने के लिये हमे कौन सी शर्ते पूरी करनी है यह बहुत ही महत्वपूर्ण है जिसको नजरअन्दाज नही किया जा सकता | जब आप छोटे होते है तो लोग विना शर्त , विना किसी अपेच्छा के प्रेम करते है लेकिन बाद मे आपसे अपेच्छा रखने लगते है ,वे चाहते है कि आप भी उनकी परवाह करें , उनको सुने, उनकी समस्याओ को समझे, और उसका निदान करे | तो हमे लोगो का परवाह करने,सुनने,समस्याओ को समझने और उसका निदान करने के काबिल बनना होगा | यही धनी बनने के सीढ़ी का दूसरा डण्डा है जिसे हमे नही भूलना चाहिये | किसान को खेती करने के लिये खेत का होना जरूरी है,व्यापार करने के लिये मानव का होना जरूरी है |
 " किसान को खेती के लिये खेत तथा व्यापारी के लिये लोग उसके संसाधन है "-: भोला प्रजापति प्रेरक वक्ता :- 

 

तो सवाल उठता है कि नया ग्राहक कैसे बनाये ? पूराने ग्राहको को कैसे बनाये रखे ? कैसे अपने निजी सबंधो को जिन्दा रखे? सबसे पहले हमे अपनी धारणाओ, और विश्वास की समीच्छा करनी होगी, और दूसरे लोगो के विश्वास को समझकर अपने बिश्वास से जोड़ना होगा और ऐसा तब संभव होगा जब हम अपनी सेवाओ, उत्पादन पर पूरा भरोषा करेंगे कि यह हमारे ग्राहको के लिये १००% लाभदायी है | 

आईये देखते है ऐसा कैसे किया जाता है, -----
" पहला ग्राहक बनाने से पहले खुद ग्राहक बने" 
-: भोला प्रजापति प्रेरक वक्ता :-
 जी हाँ पहला ग्राहक बनाने से पहले खुद ग्राहक बनना पड़ेगा, ग्राहक की तरह सोचना होगा, ग्राहक की तरह बोलना होगा, ग्राहक की तरह व्यवहार करना होगा |