PERSONALITY DEVELOPMENT IN HINDI

cropped-IMG_20141028_1540201.jpgअच्छा दिखें

         सबसे पहले अपने वर्तमान स्थिती की जांच करे आप दिखने मे कैसे लगते है?।क्या आप अपनी दाढीं सेब किये है?।क्या आपके नाखून बडें-बडें है?।क्या आपका चेहरा प्रशन्न दिखता है?।क्या आपका आत्मबिश्वाश झलकता है?।क्या आपने साफ कपडें पहने है?। क्या आपके पैर की बेवायी फटी हुयी है?।क्या आप के बाल बढें हुये है?।क्या आपके जूतो पर पालिश हुयी है?। सबसे पहले अपने लुक अप की जांच करें और सोचे कि आप कैसे दिखते है और आपको कैसा दिखना चाहियें?। क्या आपका पहनावा आपके जांब,बिजनेश,सोसायटी के अनुकूल है?।

cropped-IMG_20141028_1540201.jpgअच्छा बोले

         अब अपने शब्दो की जांच करें।क्या यह नकारात्मक भाषा है?।क्या यह गैर जिम्मेदराना है?।क्या यह अर्थ पूर्ण है?।क्या यह सही समय पर सही जगह पर बोला गया है?।अपनी भाषा की जांच करे।आप क्या बोलते है इस पर गौर करें। ध्यान रखे,आपकी भाषा जिम्मेदारीपुर्ण होना चाहियें। एक उदाहरण देखे:राम ने श्याम से कहा-मेरे पिता जी हमे जेब खर्च नही दे रहे है ।श्याम ने राम को जबाब दिया-अब मेंरी उम्र 18 वर्ष से अधिक की हो गयी है,जेब खर्च निकालने की जिम्मेदारी हमारी है । मै कब तक आमने पिता जी के ऊपर निर्भर रहूंगा । तुम्हारे पिता जी ने तुम्हे जिम्मेदारी लेने का एक अवसर प्रदान किया है।उपर के उदाहरण मे राम की भाषा शिकायतपुर्ण तथा गैरजिम्मेदराना है । नकारात्मक है। जबकि श्याम की भाषा आत्मनिर्भरता की तरफ बढंने की है तथा सकारात्मक है। जिम्मेदारी समझता है । याद रखे-हमे नकारात्मक,गैरजिम्मेदराना,शिकायती लहजे का प्रयोग नही करना चाहिये।

cropped-IMG_20141028_1540201.jpgअच्छा बने

         हम कितनी देर सोते है। कित्तने बजे जागते है । क्या हम जिम्मेदार बन रहे है। क्या हम जो चीज हमारे पास नही है उसे पाने लायक बन रहे है। ध्यान रखे-हमे अपने बनने पर जोर देना चाहियें। हमे बनने के लिये अपने कौशल का बिकास करना चाहियें। सीखना चाहियें।

cropped-IMG_20141028_1540201.jpgअच्छा सोचें

         आपका शरीर आपकी सोच का नौकर है । जैसा आप सोचते है वैसे आपका शरीर कार्य करने लगता है । अगर आप सोचते है कि आज आप कोई कार्य नही करेंगे तो आपका शरीर सुस्त हो जाता है । जब आप सोचते है कि आज एक कार्य करना है और उसके लिये एक आवश्यक कारण खोज लेते है तो आपका शरीर उस कार्य को करने के लिये तैयार हो जाता है । जब आप सोचते है कि अमुक कार्य ऐसे करना है तो आपका शरीर जैसा आप सोचते है वैसा कार्य करने लगता है । याद रखे- हम दूसरे की सोच को नियन्त्रित नही कर सकते लेकिन अपनी सोच अपनी प्रतिक्रिया को नियंत्रित कर सकते है । हमे नियंत्रण और जिम्मेवारी स्वीकार करने के बारे मे सोचना चाहियें ।

cropped-IMG_20141028_1540201.jpgअच्छा करे

         
आप स्वंय को परखे कि आज आप क्या अच्छा कर रहे है । प्रतिदिन आपको दो-तीन कार्य अच्छा करना चाहियें और वह अच्छा कार्य सही जगह पर सही समय पर करना चाहियें । अपनी जिम्मेवारी को समझ कर कार्य करना चाहियें । क्या आपकी शिक्षा अच्छी चल रही हैं । क्या आपके कार्य से आप,आपके बांस,आपके सहकर्मी संतुष्ट है । क्या आपका परिवार आपके कार्य से खुश है।क्या आपके बच्चे आपकी आमदनी से खुश है ।क्या आपके आसपास के लोग आपके कार्यो पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रहै है । एक दिन के किये गये अपने कार्यो पर गौर करे और सोचें कि आज के दिन आपने कौन सा जिम्मेदारीपूर्ण कार्य किया है । याद रखें-आपको जिम्मेदारीपुर्ण कार्य करना चाहिये । आपको वह कार्य करना चाहियें जो आपके नियंत्रण मे हो ।